जलवायु परिवर्तन 2022

जलवायु परिवर्तन

जलवायु परिवर्तन एक विश्व व्यापी घटना है। जलवायु परिवर्तन की यह घटना मात्र पृथ्वी के तापमान में वृद्धि से ही संबंधित नहीं है अपितु मौसम के पैटर्न में दीर्घकालिक बदलाव से भी संबंधित है। बिभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार लगभग 1800 ईस्वी के दशक में जलवायु परिवर्तन की शुरुआत हुई क्यूँकि उस समय मानव का वनों और जंगलो आदि में हस्तक्षेप काफी बढ़ गया था जिसका प्रमुख कारण औद्योगिकीकरण को माना जाता है। 

 

परतुं बड़ा सवाल यह है कि क्या जलवायु परिवर्तन की प्रक्रिया सिर्फ 1800 ईस्वी से ही प्रारंभ हुई है ?

तो इसका जवाव है नहीं। 

क्यूंकि यदि हम विश्व को अलग करके सिर्फ भारत के प्राचीन प्राकृतिक इतिहास की बात करें तो वैदिक काल के ऐतिहासिक स्त्रोतों के अनुसार मानव ने भारत में 1000-1500 इसा पूर्व से ही जंगलो की कटाई करना शुरू कर  दिया था। 

उस समय जंगलो की कटाई कृषि भूमि के लिए की जाती थी तथा उस समय दहन एवं कर्तन अथवा स्थानांतरण कृषि प्रणाली अपनाई जाती थी। 

इतिहासकारों  तथा भूगोलवेत्ताओं के अनुसार गंगा तराइन का सम्पूर्ण क्षेत्र एक घना जंगल था तथा लौह युग के आते ही तथा नए और सख़्त औजार बनते ही इन वनों की कटाई बड़े पैमाने पर शुरू हो गई, जिसके बाद वो आजतक नहीं रुकी। 

इनके अतिरिक्त भी कई प्रकार के ऐतिहासिक साक्ष्य मिलते है जिनके अनुसार जंगलो की कटाई, खनन, बड़े पैमाने पर कृषि आदि क्रियाएं हजारों साल पहले शुरू हो गई थी अत:  हम कह सकतें है कि जलवायु परिवर्तन की प्रक्रिया 19वीं शताव्दी में प्रारंभ न होकर कई वर्षों पहले शुरू हो चुकी थी। ध्यान देने वाली बात हाँ कि हम मानवीय हस्तक्षेप के द्वारा हुए जलवायु परिवर्तन की बात कर रहे है, जिसकी गहन जानकारी आपको आगे दी जाएगी।  

अब बात करतें हैं कि – जलवायु परिवर्तन क्या है। 

 

जब पृथ्वी का तापमान अचानक घट या बढ़ जाता है तथा मौसम या बारिश होने की प्रक्रिया में भी बदलाब आता है तो इसे जलवायु परिवर्तन कहा जाता है। जलवायु परिवर्तन होने में दशक, सैकड़ो, हजारों या लाखो वर्ष लग सकते है परन्तु मौसम कुछ घंटो, दिनों अथवा हफ्तों में बदल सकता है। 

 

अब बड़ा सवाल आता है कि यदि मौसम कुछ घंटो में बदल जाता है तो मैंने ऊपर के वाक्य में मौसम में परिवर्तन को जलवायु परिवर्तन  क्यूं कहा है क्यूंकि जलवायु परिवर्तन होने में घंटे नहीं अपितु कई साल लगते है। 

 

इसको एक उदहारण से समझते है – 

 

  • हिमयुग में पृथ्वी की जलवायु काफी ठंडी थी जबकि वर्तमान समय में पृथ्वी की जलवायु गर्म हो रही है। पृथ्वी की जलवायु के ठंडी से गर्म होने में हजारों वर्ष लगें अत: मौसम के दीर्घकालिक परिवर्तन को जलवायु परिवर्तन कहा जाता है। 
  • कुछ घंटे पहले हिमाचल प्रदेश में धुप थी तथाअभी वहां बारिश हो रही अत: मौसम के तत्कालिक परिवर्तन को मौसम कहा जाता है। 

 

जलवायु परिवर्तन प्राकृतिक तथा मानवीय दोनों प्रकार के हो सकते है। जब जवालामुखी के फटने तथा प्राकृतिक वनाग्नि आदि  से जलवायु में परिवर्तन हो तो वह प्राकृतिक जलवायु परिवर्तन है तथा जब मनुष्य के द्वारा प्रकृति के साथ छेड़छाड़ करने से जलवायु परिवर्तन हो तो उसे मानवीय जलवायु परिवर्तन कहा जाता है। 

वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन का कारण मानवीय क्रियाएं है। 

 

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